Hindi Medium One Liner Notes · आवश्यक वस्तुअधिनियम, 1955 वन-लाइनर नोट्स | (हिंदी माध्यम)
आवश्यक वस्तुअधिनियम, 1955 वन-लाइनर नोट्स | (हिंदी माध्यम)
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आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 (THE ESSENTIAL COMMODITIES ACT, 1955) | |
(1955 का अधिनियम संख्यांक 10) (ACT NO. 10 OF 1955) | |
| अधिनियम का संक्षिप्त नाम क्या है? | आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 (The Essential Commodities Act, 1955) |
| आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 का संख्यांक क्या है? | 1955 का अधिनियम संख्यांक 10 |
| इस अधिनियम का क्या उद्देश्य है ? | कतिपय वस्तुओं के उत्पादन, प्रदाय और वितरण तथा उनमें व्यापार और वाणिज्य के नियंत्रण के लिए जनसाधारण के हित में उपबन्ध करने के लिए अधिनियम |
| आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 कब लागू किया गया? | 1 अप्रैल, 1955 |
| अधिनियम में कब - कब संशोधन किए गए हैं? | 1971, 1974, 1984, और 2020 में |
| आवश्यक वस्तु (संशोधन) अधिनियम 2020 लोक सभा में कब प्रख्यापित किया ? | 15 सितंबर 2020 |
| आवश्यक वस्तु (संशोधन) अधिनियम 2020 राज्य सभा में कब प्रख्यापित किया ? | 22 सितंबर 2020 |
| भारत के राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने आवश्यक वस्तु (संशोधन) अधिनियम 2020 को कब मंजूरी दी? | 27 सितंबर 2020 |
| संक्षिप्त नाम और विस्तार, (Short Title and Extent) किस धारा से सम्बंधित हैं? | धारा 1 |
| धारा 1 के अनुसार आवश्यक वस्तु अधिनियम का क्षेत्रीय विस्तार किस पर है? | सम्पूर्ण भारत पर |
| किस अधिनियम द्वारा “जम्मू और कश्मीर राज्य को छोड़कर” शब्दों का विलोपन (deletion) किया गया? | 1968 के अधिनियम सं० 25 की धारा 2 और अनुसूची द्वारा (15-8-1968 से) जम्मू और कश्मीर राज्य को छोड़कर” शब्दों का विलोपन (deletion) किया गया |
| परिभाषा, (Definitions) खंड अधिनियम की किस धारा में वर्णित है? | धारा 2 |
| "कलेक्टर ", (Collector) अधिनियम की किस धारा में वर्णित है? | धारा 2(iक) |
| धारा 2(iक) के अनुसार “कलेक्टर ” शब्द के अंतर्गत किसे सम्मिलित किया गया है? | अपर कलेक्टर तथा ऐसा अन्य अधिकारी भी है, जो उपखंड अधिकारी की पंक्ति से नीचे का न हो और जो इस अधिनियम के अधीन कलेक्टर के कृत्यों का पालन और उसकी शक्तियों का प्रयोग करने के लिए कलेक्टर द्वारा प्राधिकृत किया जाए |
| धारा 2(iक) के अनुसार, कलेक्टर द्वारा प्राधिकृत अधिकारी की न्यूनतम पद-स्थिति क्या होनी चाहिए? | उपखंड अधिकारी की पंक्ति से नीचे का न हो |
| धारा 2(iक) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी किस उद्देश्य से कलेक्टर की शक्तियों का प्रयोग कर सकता है? | इस अधिनियम के अधीन कलेक्टर के कृत्यों का पालन और शक्तियों का प्रयोग करने के लिए |
| कौन-सा अधिकारी धारा 2(iक) के अंतर्गत “कलेक्टर ” की परिभाषा में स्वतः सम्मिलित है? | अपर कलेक्टर |
| “खाद्य फसलों”, (Food-Crops) अधिनियम की किस धारा में वर्णित है? | धारा 2(ख) |
| धारा (ख) के अनुसार “खाद्य फसलों” के अंतर्गत कौन-सी फसल सम्मिलित है? | गन्ना |
| धारा (ख) के अनुसार गन्ने को किस श्रेणी में रखा गया है? | खाद्य फसल |
| “अधिसूचित आदेश", (Notified Order) अधिनियम की किस धारा में वर्णित है? | धारा 2(ग) |
| धारा (ग) के अनुसार “अधिसूचित आदेश” से क्या अभिप्रेत है? | शासकीय राजपत्र में अधिसूचित आदेश |
| "आदेश", (Order) अधिनियम की किस धारा में वर्णित है? | धारा 2(गग) |
| धारा (गग) के अनुसार “आदेश” से क्या अभिप्रेत है? | तद्धीन जारी किया गया कोई निदेश |
| धारा (गग) के अनुसार “आदेश” शब्द सम्मिलित किया गया है- | 1967 के अधिनियम सं० 36 की धारा 2 द्वारा अंतःस्थापित। |
| “राज्य सरकार", (State Government) अधिनियम की किस धारा में वर्णित है? | धारा 2(घ) |
| धारा (घ) के अनुसार “राज्य सरकार” से अभिप्राय है? | संघ राज्यक्षेत्र के सम्बन्ध में प्रशासक |
| धारा (घ) के अनुसार “राज्य सरकार” शब्द सम्मिलित किया गया है- | विधि अनुकूलन (सं०3) आदेश, 1956 द्वारा पूर्ववर्ती खण्ड (घ) के स्थान पर प्रतिस्थापित।) |
| "चीनी", (Sugar) अधिनियम की किस धारा में वर्णित है? | धारा 2(ङ) |
| धारा 2(ङ) के अनुसार “चीनी” में कौन सम्मिलित है? | नब्बे प्रतिशत से अधिक सुक्रोज और उसके अन्तर्गत मिश्री भी है; |
| कौन-सी चीनी धारा 2(ङ)(ii) के अंतर्गत आती है? | खांडसारी चीनी |
| धारा 2(ङ)(ii) के अनुसार “चीनी” में किस रूप की चीनी सम्मिलित है? | खांडसारी चीनी या बूरा चीनी या पीसी हुई चीनी अथवा रवे या चूर्ण के रूप में चीनी |
| धारा 2(ङ)(iii) के अनुसार, कौन-सी चीनी “चीनी” की परिभाषा में आती है? | वैक्यूम पैन चीनी कारखाने में प्रक्रियाधीन चीनी या उससे उत्पादित कच्ची चीनी। |
| वैक्यूम पैन चीनी कारखाने से उत्पादित कच्ची चीनी धारा (ङ) के अंतर्गत किस रूप में मानी जाएगी? | चीनी की परिभाषा के अंतर्गत |
| धारा 2(ङ) के अनुसार “चीनी” में सुक्रोज की न्यूनतम मात्रा कितनी होनी चाहिए? | नब्बे प्रतिशत से अधिक |
| धारा 2(ङ) के अनुसार क्या खांडसारी, बूरा और पीसी हुई चीनी भी चीनी मानी जाती है? | हाँ |
| धारा (ङ) के अनुसार “चीनी” शब्द सम्मिलित किया गया है- | 1967 के अधिनियम सं० 36 की धारा 2 द्वारा अंतःस्थापित। |
| आवश्यक वस्तुओं की घोषणा, आदि, (Essential Commodities Declaration, Etc.) किस धारा में परिभाषित हैं? | धारा 2(2)(क) |
| धारा 2(क)(1) के अनुसार “आवश्यक वस्तु” किस आधार पर निर्धारित होती है? | अनुसूची में विनिर्दिष्ट वस्तु के आधार पर |
| धारा 2(क)(2) के अनुसार, किसी वस्तु को अनुसूची में जोड़ने या हटाने का अधिकार किसके पास है? | केन्द्रीय सरकार राज्य सरकारों के परामर्श से |
| धारा 2(क)(3) के अनुसार कोई वस्तु कितनी अवधि के लिए आवश्यक वस्तु घोषित की जा सकती है? | छह माह |
| धारा 2(क)(3) के अनुसार, केन्द्रीय सरकार किन परिस्थितियों में छ: माह से अधिक अवधि बढ़ा सकती है? | लोकहित में और विनिर्दिष्ट कारणों से |
| धारा 2(क)(4) के अनुसार, केन्द्रीय सरकार किन वस्तुओं के संबंध में अपनी शक्तियों का प्रयोग कर सकती है, जबकि संसद को विधि बनाने की शक्ति है? | संविधान की सातवीं अनुसूची की सूची 3 की प्रविष्टि 33 |
| धारा 2(क)(5) के अनुसार उपधारा (2) के अंतर्गत जारी की गई अधिसूचना के संबंध में क्या आवश्यक है? | संसद के दोनों सदनों के समक्ष रखना |
| किस धारा के अंतर्गत केन्द्रीय सरकार अनुसूची में वस्तु जोड़ने और हटाने की शक्ति रखती है? | धारा 2(क)(2) |
| धारा 2(क) के अनुसार किसी वस्तु को अस्थायी रूप से आवश्यक घोषित करने का प्रमुख उद्देश्य क्या है? | उत्पादन और आपूर्ति पर नियंत्रण सुनिश्चित करना |
| धारा 2(क) के अंतर्गत, अनुसूची में संशोधन करने के लिए केन्द्रीय सरकार किनके परामर्श से कार्य करती है? | राज्य सरकारों |
| आवश्यक वस्तुओं के उत्पादन, प्रदाय, वितरण, आदि का नियंत्रण करने की शक्तियां, (Powers to Control Production, Supply, Distribution, Etc., of Essential Commodities) किस धारा से सम्बंधित हैं? | धारा 3 |
| यदि आवश्यक वस्तु के साम्यिक वितरण, उचित कीमतों, भारत की रक्षा या सैनिक क्रियाओं के दक्ष संचालन के लिए आवश्यक लगे तो किसी आवश्यक वस्तु के उत्पादन, प्रदाय और वितरण को नियंत्रित करने का आदेश कौन जारी कर सकती है? | केन्द्रीय सरकार |
| धारा 3(1) के अनुसार केन्द्रीय सरकार का आदेश किस उद्देश्य के लिए हो सकता है? | उत्पादन, प्रदाय, वितरण तथा व्यापार और वाणिज्य के विनियमन या प्रतिषेध के लिए |
| धारा 3(1) के अंतर्गत “उचित कीमतों पर उपलब्धता सुनिश्चित करने” का संबंध किससे है? | आवश्यक वस्तुओं से |
| कौन-सा विषय धारा 3(1) के अंतर्गत विनियमित किया जा सकता है? | आवश्यक वस्तुओं में व्यापार आवश्यक वस्तुओं में वाणिज्य आवश्यक वस्तुओं का उत्पादन, प्रदाय और वितरण |
| धारा 3(1) के अनुसार कौन-सा अतिरिक्त उद्देश्य संशोधन द्वारा जोड़ा गया है? | भारत की रक्षा या सैनिक संक्रियाओं के दक्ष संचालन के लिए आवश्यक वस्तु की प्राप्ति |
| धारा 3(1-क)(क) में “खाद्य पदार्थ” के अंतर्गत कौन- कौन शामिल है? | अनाज, दाल, आलू, प्याज, खाद्य तेलहन और तेल |
| कौन-सी स्थिति धारा 3(1-क)(क) के अंतर्गत “असाधारण परिस्थिति” मानी जाती है? | युद्ध, अकाल, असाधारण कीमत वृद्धि, गंभीर प्राकृतिक आपदा |
| धारा 3(1-क)(ख)(i) के अनुसार उद्यान उत्पाद के खुदरा मूल्य में कितनी वृद्धि होने पर स्टॉक सीमा लगाई जा सकती है? | 100% |
| धारा 3(1-क)(ख)(ii) के अनुसार गैर-विनश्वर कृषि खाद्य पदार्थों के खुदरा मूल्य में कितनी वृद्धि अपेक्षित है? | 50% |
| धारा 3(1-क)(ख) के अंतर्गत कीमत वृद्धि की तुलना किससे की जाएगी? | बारह मास पूर्ववर्ती कीमत या पिछले पाँच वर्ष की औसत खुदरा कीमत, जो भी कम हो |
| धारा 3(1-क) को किस संशोधन द्वारा जोड़ा गया? | आवश्यक वस्तु (संशोधन) अधिनियम, 2020 |
| धारा 3(1-क) परंतु के अनुसार स्टॉक सीमा को विनियमित करने वाला आदेश सामान्यतः किस पर लागू नहीं होगा? | कृषि उत्पाद का प्रक्रमणक या मूल्य श्रृंखला सहभागी |
| धारा 3 उपधारा (2) (क) के अनुसार किसी आवश्यक वस्तु के उत्पादन का विनियमन किस प्रकार किया जा सकता है? | अनुज्ञप्तियों, अनुज्ञापत्रों या अन्य विधियों द्वारा |
| धारा 3 उपधारा (2)(ख) के अनुसार बंजर भूमि पर खाद्य फसलों की खेती क्यों अनिवार्य की जा सकती है? | सामान्यतः खाद्य फसलों या विनिर्दिष्ट खाद्य फसलों को उगाने या बनाए रखने के लिए |
| धारा 3 उपधारा (2)(ग) किस अधिकार से संबंधित है? | किसी आवश्यक वस्तु की कीमत नियंत्रित करना |
| धारा 3 उपधारा (2) (घ) किस अधिकार से संबंधित है? | किसी आवश्यक वस्तु के भण्डारकरण, परिवहन, वितरण, व्ययन, अर्जन, प्रयोग या खपत का अनुज्ञप्तियों, अनुज्ञापत्रों द्वारा या अन्यथा विनियमन; |
| धारा 3 उपधारा (2) (ङ) किस अधिकार से संबंधित है? | विक्रय के लिए रखी गई किसी आवश्यक वस्तु को विक्रय से रोक रखने का प्रतिषेध |
| धारा 3 उपधारा (2)(च) के अनुसार सरकार किसी व्यक्ति से क्या अपेक्षा कर सकती है? | कि वह स्टॉक या उत्पादन का पूरा या विनिर्दिष्ट भाग सरकार को बेचे |
| धारा 3 उपधारा (2)(च) के स्पष्टीकरण-1 के अनुसार, किस वस्तु के संबंध में आदेश पारित किया जा सकता है? | खाद्यान्न, खाद्य तिलहन या खाद्य तेल |
| स्पष्टीकरण-1 के अनुसार, उत्पादकों द्वारा विक्रय की जाने वाली मात्रा किस अतिरिक्त आधार पर भी नियत की जा सकती है? | उत्पादकों द्वारा धृत मात्रा या उनकी जोत के कुल क्षेत्र के आधार पर |
| धारा 3(2)(च) के स्पष्टीकरण-2 के अनुसार, “उत्पादन” शब्द के अंतर्गत क्या सम्मिलित है? | व्याकरणिक रूपभेदों और सजातीय पदों सहित, खाद्य तेलों और चीनी का विनिर्माण भी है |
| उपधारा (2)(ञ) में प्राधिकृत व्यक्ति को किन कार्यों का अधिकार है? | निरीक्षण, अभिग्रहण, तलाशी और दस्तावेजों की प्रतिलिपि लेना |
| यदि कोई व्यक्ति उपधारा (2)(च) के आदेश का पालन करता है तो उसकी कीमत कैसे निर्धारित होगी? | करार पाई गई कीमत, नियंत्रित कीमत या अभिभावी बाजार दर के अनुसार |
| धारा 3(2)(छ) के अंतर्गत किस प्रकार के संव्यवहारों का विनियमन या प्रतिषेध किया जा सकता है? | खाद्य पदार्थों से संबंधित वाणिज्यिक या वित्तीय संव्यवहार |
| धारा 3 उपधारा (3क)(i) के अनुसार केन्द्रीय सरकार किसी परिक्षेत्र में खाद्य पदार्थों की कीमत नियंत्रित क्यों कर सकती है? | कीमतों के चढ़ाव को रोकने या जमाखोरी निवारित करने के लिए |
| धारा 3(3-क)(i) के अंतर्गत केन्द्रीय सरकार कब अधिसूचना जारी कर सकती है? | जब किसी क्षेत्र में खाद्य पदार्थों की कीमतों के चढ़ाव को नियंत्रित करना या जमाखोरी को निवारित करना आवश्यक हो |
| धारा 3(3-क)(ii) के अनुसार इस उपधारा के अधीन जारी अधिसूचना अधिकतम कितनी अवधि तक प्रवृत्त रहेगी? | 3 मास |
| धारा 3(3-क)(iii)(ग) के अनुसार कीमत किस आधार पर निर्धारित की जाएगी? | अधिसूचना की तारीख के ठीक पूर्वगामी तीन मास की अवधि की अभिभावी औसत बाजार दर |
| धारा 3 उपधारा (4) के अनुसार प्राधिकृत नियंत्रक का कार्य क्या है? | उत्पादन और प्रदाय के उपक्रम में सरकार के आदेशों के अनुसार नियंत्रण करना |
| धारा 3(4) के अंतर्गत केन्द्रीय सरकार कब आदेश जारी कर सकती है? | जब आवश्यक वस्तु के उत्पादन और प्रदाय को बनाए रखना या बढ़ाना आवश्यक हो |
| धारा 3(4)(क) के अनुसार प्राधिकृत नियंत्रक किस सीमा तक निर्देश दे सकता है? | ऐसे निर्देश जो आदेश द्वारा विनिर्दिष्ट हों, भले ही वे उपक्रम के प्रबंधन संबंधी अधिनियम या लिखत से असंगत हों |
| धारा 3 उपधारा (5)(क) के अनुसार सामान्य प्रकार के आदेश को कैसे प्रकाशित किया जाएगा? | शासकीय राजपत्र में अधिसूचित करके |
| धारा 3 उपधारा (5)(ख) के अनुसार किसी विशेष व्यक्ति को आदेश कैसे दिया जाएगा? | उसे सीधे देकर या परिसरों में लगा कर तामील करके और रिपोर्ट तैयार करके |
| धारा 3 उपधारा (6) के अनुसार केन्द्रीय सरकार द्वारा जारी आदेश कहाँ प्रस्तुत किया जाएगा? | यथाशक्य शीघ्र संसद के दोनों सदनों के समक्ष |
| “उत्पादन” के अंतर्गत कौन-कौन से कार्य आते हैं? | खेती, विनिर्माण, और खाद्य तेल व चीनी का निर्माण |
| राज्य सरकारों पर कर्तव्यों का अधिरोपण, आदि, (Imposition of Duties on State Governments, Etc.) किस धारा से सम्बंधित हैं? | धारा 4 |
| धारा 4 के अनुसार, केन्द्रीय सरकार किसके ऊपर कर्तव्य और शक्तियाँ अधिरोपित कर सकती है? | राज्य सरकारों, उनके अधिकारियों और प्राधिकारियों पर |
| धारा 4 के अनुसार किसी आदेश से क्या किया जा सकता है? | राज्य सरकार या उसके अधिकारियों के लिए निर्देश जारी करना |
| धारा 4 के आदेश किसके संबंध में दिए जा सकते हैं? | किसी शक्तियों के प्रयोग या कर्तव्यों के निर्वहन के संबंध में |
| धारा 4 के अंतर्गत आदेश किसके द्वारा जारी किए जा सकते हैं? | केन्द्रीय सरकार द्वारा |
| धारा 4 के अनुसार आदेश में किनकी शक्ति और कर्तव्य शामिल हो सकते हैं? | राज्य सरकारों, उनके अधिकारियों और प्राधिकारियों की |
| धारा 4 में 'निर्देश' का अर्थ क्या है? | किसी आदेश के तहत शक्तियों और कर्तव्यों का पालन सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार या उसके अधिकारियों को दिया गया आदेश |
| धारा 4 के अनुसार आदेश जारी करने का आधार क्या हो सकता है? | धारा 3 के तहत जारी आदेश |
| शक्तियों का प्रत्यायोजन, (Delegation of Powers) किस धारा से सम्बंधित हैं? | धारा 5 |
| धारा 5 के अनुसार केन्द्रीय सरकार किस प्रकार शक्तियों का प्रत्यायोजन कर सकती है? | अधिसूचित आदेश द्वारा |
| धारा 5 के अंतर्गत किस शक्ति का प्रत्यायोजन किया जा सकता है? | धारा 3 के अधीन आदेश करने या अधिसूचना निकालने की शक्ति |
| धारा 5 के अनुसार प्रत्यायोजित शक्तियाँ किन विषयों के संबंध में प्रयोग की जा सकती हैं? | उन विषयों के संबंध में जो निदेश में विनिर्दिष्ट हों |
| धारा 5 के अनुसार प्रत्यायोजन किन शर्तों के अधीन किया जा सकता है? | निदेश में विनिर्दिष्ट शर्तों के अधीन, यदि कोई हों |
| धारा 5 के अंतर्गत कौन केन्द्रीय सरकार की शक्तियों का प्रयोग कर सकता है? | केन्द्रीय सरकार के अधीनस्थ अधिकारी या प्राधिकारी |
| धारा 5 के अंतर्गत राज्य सरकार के कौन-से व्यक्ति शक्तियों का प्रयोग कर सकते हैं? | राज्य सरकार के अधीनस्थ ऐसे अधिकारी या प्राधिकारी जो निदेश में विनिर्दिष्ट हों |
| धारा 5 और धारा 3 का आपसी संबंध क्या है? | धारा 5, धारा 3 के अंतर्गत शक्तियों के प्रत्यायोजन से संबंधित है |
| अन्य अधिनियमितियों से अंसगत आदेशों का प्रभाव, (Effect of Orders Inconsistent with Other Enactments) किस धारा से सम्बंधित हैं? | धारा 6 |
| धारा 6 के अनुसार धारा 3 के अधीन किया गया आदेश किस स्थिति में भी प्रभावी रहेगा? | किसी अन्य अधिनियमिति या उसके अधीन प्रभावी लिखत से असंगत होने पर भी |
| धारा 6 में “लिखत” से क्या अभिप्रेत है? | किसी अन्य अधिनियम के आधार पर प्रभावी कोई भी लिखित दस्तावेज |
| खाद्यान्नों, खाद्य तिलहनों और खाद्य तेलों का अधिहरण, (Confiscation of essential commodity) किस धारा में परिभाषित हैं? | धारा 6(क) |
| धारा 6(क)(1) के अनुसार आवश्यक वस्तु के अभिग्रहण की रिपोर्ट किसे दी जानी चाहिए? | उस जिले या प्रेसीडेंसी नगर के कलेक्टर को |
| अभिग्रहण की रिपोर्ट कलेक्टर को कब भेजी जानी चाहिए? | अयुक्तियुक्त विलंब के बिना |
| कलेक्टर कब अभिगृहीत आवश्यक वस्तु को अपने समक्ष निरीक्षण के लिए पेश करने का आदेश दे सकता है? | चाहे अभियोजन संस्थित किया गया हो या नहीं |
| यदि कलेक्टर को यह समाधान हो जाए कि धारा 3 के आदेश का उल्लंघन हुआ है, तो वह क्या आदेश दे सकता है? | आवश्यक वस्तु, पैकेज तथा परिवहन साधन के अधिहरण का |
| धारा 6(क)(1) के अनुसार किन-किन वस्तुओं का अधिहरण किया जा सकता है? | आवश्यक वस्तु, उसका पैकेज/पात्र तथा उसे ले जाने वाला पशु या वाहन |
| धारा 6(क) के अंतर्गत उत्पादक से अभिगृहीत खाद्यान्न या खाद्य तिलहन कब अधिहृत नहीं किए जाएंगे? | जब वे स्वयं उत्पादक द्वारा उत्पादित किए गए हों |
| धारा 6(क)(2) के अनुसार कलेक्टर आवश्यक वस्तु का विक्रय कब आदेशित कर सकता है? | जब वस्तु शीघ्र नष्ट होने वाली हो या लोकहित में आवश्यक हो |
| यदि आवश्यक वस्तु के लिए नियंत्रित कीमत निर्धारित है, तो उसका विक्रय कैसे किया जाएगा? | नियंत्रित कीमत पर |
| यदि किसी आवश्यक वस्तु के लिए कोई नियंत्रित कीमत निर्धारित नहीं है, तो कलेक्टर क्या कर सकता है? | लोक नीलाम द्वारा विक्रय का आदेश दे सकता है |
| खाद्यान्नों के संबंध में कलेक्टर विशेष रूप से क्या आदेश दे सकता है? | उचित दर की दुकानों के माध्यम से जनता को विक्रय |
| धारा 6(क)(3) के अनुसार विक्रय की गई आवश्यक वस्तु की बिक्री से प्राप्त राशि कब लौटाई जाएगी? | जब अधिहरण का अंतिम आदेश न हो, अपील में निर्देश हो या अभियुक्त दोषमुक्त हो |
| बिक्री से प्राप्त राशि में से पहले क्या घटाया जाएगा? | विक्रय या नीलामी से संबंधित व्यय |
| धारा 6(क) के अंतर्गत अधिहरण की कार्यवाही किस आदेश के उल्लंघन से संबंधित होती है? | धारा 3 के अधीन किए गए आदेश |
| खाद्यान्नों आदि के अधिहरण से पूर्व हेतु दर्शित करने की सूचना का दिया जाना, (Issue of Show Cause Notice Before Confiscation of Food Grains, Etc.) किस धारा में परिभाषित हैं? | धारा 6(ख) |
| धारा 6(ख)(1) के अनुसार धारा 6क के अधीन अधिहरण का आदेश कब तक नहीं किया जाएगा? | जब तक स्वामी या संबंधित व्यक्ति को कारण बताओ सूचना न दे दी जाए |
| धारा 6(ख) के अनुसार कारण बताओ सूचना किसे दी जानी आवश्यक है? | उस व्यक्ति को जिससे वस्तु अभिगृहीत की गई है या उसके स्वामी को |
| कारण बताओ सूचना में किन बातों का उल्लेख अनिवार्य है? | अधिहरण के आधार |
| धारा 6(ख)(1)(ख) के अनुसार संबंधित व्यक्ति को क्या अवसर दिया जाना चाहिए? | लिखित अभ्यावेदन करने का |
| धारा 6(ख) के अंतर्गत सुनवाई का अवसर कैसा होना चाहिए? | युक्तियुक्त |
| धारा 6ख(2) के अनुसार किस स्थिति में वाहन या प्रवहण का अधिहरण नहीं किया जाएगा? | जब स्वामी यह सिद्ध कर दे कि उसके ज्ञान या मौनानुकूलता के बिना उसका प्रयोग हुआ था |
| धारा 6(ख)(3) के अनुसार सूचना में त्रुटि होने पर अधिहरण आदेश कब अवैध नहीं होगा? | जब उपधारा (1) के उपबन्धों का पर्याप्त पालन किया गया हो |
| धारा 6(ख) किस सिद्धांत का प्रत्यक्ष उदाहरण है? | सुनवाई का अधिकार (Audi Alteram Partem) |
| धारा 6(ख) के उपबन्ध किन पर लागू होते हैं? | आवश्यक वस्तु, पैकेज, पात्र, पशु, वाहन एवं अन्य प्रवहण पर |
| धारा 6(ख) का संबंध मुख्यतः किस धारा से है? | धारा 6(क) |
| अपील, (Appeal) किस धारा में परिभाषित हैं? | धारा 6(ग) |
| धारा 6(क) के अधीन अधिहरण के आदेश से व्यथित व्यक्ति किसके समक्ष अपील कर सकता है? | राज्य सरकार द्वारा नियुक्त न्यायिक प्राधिकारी |
| धारा 6(ग)(1) के अनुसार अपील किस अवधि के भीतर की जानी चाहिए? | आदेश की संसूचना की तारीख से एक मास के भीतर |
| अपील का निस्तारण करने से पूर्व न्यायिक प्राधिकारी को क्या करना अनिवार्य है? | अपीलार्थी को सुने जाने का अवसर देना |
| न्यायिक प्राधिकारी अपील पर कौन-कौन से आदेश पारित कर सकता है? | पुष्ट, उपान्तरित या बातिल करने का |
| धारा 6(ग)(2) के अनुसार किस स्थिति में मूल्य का भुगतान किया जाएगा? | जब अधिहरण आदेश उपान्तरित/बातिल हो जाए या अभियुक्त दोषमुक्त हो जाए और वस्तु लौटाना सम्भव न हो |
| यदि अभिगृहीत आवश्यक वस्तु लौटाना सम्भव न हो तो भुगतान किस प्रकार किया जाएगा? | अभिग्रहण की तारीख से ब्याज सहित मूल्य देकर |
| ऐसी स्थिति में मूल्य का भुगतान किस धारणा पर किया जाएगा? | मानो सरकार को उस आवश्यक वस्तु का विक्रय किया गया हो |
| खाद्यान्न, खाद्य तिलहन एवं खाद्य तेल की कीमत किस प्रावधान के अनुसार निर्धारित की जाएगी? | धारा 3 की उपधारा (3ख) के अनुसार |
| चीनी की दशा में मूल्य निर्धारण किस उपधारा के अनुसार होगा? | धारा 3 की उपधारा (3ग) के अनुसार |
| किसी अन्य आवश्यक वस्तु की कीमत किस प्रावधान के अनुसार निर्धारित की जाएगी? | धारा 3 की उपधारा (3) के अनुसार |
| धारा 6ग में अपील का अधिकार किस सिद्धांत को दर्शाता है? | प्राकृतिक न्याय और न्यायिक पुनरीक्षण |
| अधिहरण के अधिनिर्णय का अन्य दंडों में बाधा न करना, (Award of Confiscation Not to Interfere with Other Punishments) किस धारा में परिभाषित हैं? | धारा 6(घ) |
| धारा 6(घ) के अनुसार कलेक्टर द्वारा अधिहरण का अधिनिर्णय किसे नहीं रोकता है? | इस अधिनियम के अधीन दिए जाने वाले अन्य दंडों को |
| धारा 6(घ) के अनुसार अधिहरण का अधिनिर्णय किसके द्वारा किया जाता है? | कलेक्टर |
| यदि किसी व्यक्ति के विरुद्ध अधिहरण का आदेश पारित हो चुका है, तो उसके विरुद्ध आगे क्या किया जा सकता है? | इस अधिनियम के अधीन अन्य दंड भी दिए जा सकते हैं |
| धारा 6(घ) आवश्यक वस्तु अधिनियम में क्यों जोड़ी गई है? | यह स्पष्ट करने के लिए कि अधिहरण के बावजूद दंड दिया जा सकता है |
| कतिपय मामलों में अधिकारिता का वर्जन, (Bar of Jurisdiction in Certain Cases) किस धारा में परिभाषित हैं? | धारा 6(ङ) |
| धारा 6(ङ) के अनुसार जब आवश्यक वस्तु धारा 3 के आदेश के अनुसरण में अभिगृहीत की जाती है, तब किसे आदेश देने की अधिकारिता होती है? | कलेक्टर को |
| धारा 6(क) के अधीन अधिहरण लंबित रहने के दौरान अभिगृहीत वस्तुओं के संबंध में आदेश देने की अधिकारिता किसके पास होती है? | संबंधित राज्य सरकार (धारा 6ग के अधीन) |
| धारा 6(ङ) के अंतर्गत कलेक्टर या राज्य सरकार किन विषयों पर आदेश दे सकती है? | कब्जे, परिदान, व्ययन, निर्मोचन या वितरण पर |
| धारा 6(ङ) के अनुसार किन वस्तुओं पर यह अधिकारिता लागू होती है? | आवश्यक वस्तु, पैकेज, पात्र, पशु, गाड़ी, जलयान एवं अन्य प्रवहण पर |
| धारा 6(ङ) के अनुसार किसे अधिकारिता नहीं होगी? | न्यायालय, अधिकरण या अन्य प्राधिकारी को |
| धारा 6(ङ) का प्रयोग मुख्यतः किस अवस्था में होता है? | अभिग्रहण या अधिहरण लंबित रहने के दौरान |
| धारा 6(ङ) का संबंध मुख्यतः किन धाराओं से है? | धारा 3, 6(क) और 6(ग) |
| धारा 6(ङ) को आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 में कब प्रतिस्थापित किया गया? | 1967 के अधिनियम द्वारा प्रतिस्थापित |
| शास्तियां, (Penalties) किस धारा से सम्बंधित हैं? | धारा 7 |
| धारा 7(1) के अंतर्गत दंड का प्रावधान कब लागू होता है? | जब धारा 3 के अधीन किए गए आदेश का उल्लंघन हो |
| धारा 3 की उपधारा (2) के खण्ड (ज) या (झ) से संबंधित आदेश के उल्लंघन पर अधिकतम कारावास कितना हो सकता है? | एक वर्ष |
| धारा 7(1)(क)(i) के अंतर्गत दोषसिद्धि पर कौन-सा दंड दिया जा सकता है? | एक वर्ष कारावास तथा जुर्माना दोनों |
| धारा 7(1)(क)(ii) के अंतर्गत अन्य आदेशों के उल्लंघन पर न्यूनतम कारावास कितना है? | तीन मास |
| धारा 7(1)(क)(ii) के अंतर्गत अधिकतम कारावास की अवधि क्या है? | सात वर्ष |
| न्यायालय न्यूनतम अवधि से कम कारावास कब दे सकता है? | जब पर्याप्त और विशेष कारण निर्णय में अंकित किए जाएँ |
| धारा 7(1)(ख) के अनुसार उल्लंघन से संबंधित सम्पत्ति का क्या होगा? | सरकार के पक्ष में समपहृत कर ली जाएगी |
| धारा 7(1)(ग) के अंतर्गत कौन-सी वस्तुएँ न्यायालय के आदेश से समपहृत की जा सकती हैं? | पैकेज, पात्र, पशु, गाड़ी, जलयान या अन्य प्रवहण |
| धारा 7(2) किस स्थिति में लागू होती है? | जब धारा 3(4)(ख) के अधीन दिए गए निदेश का अनुपालन न किया जाए |
| धारा 7(2) के अंतर्गत न्यूनतम और अधिकतम कारावास की अवधि क्या है? | तीन मास से सात वर्ष |
| पुनः दोषसिद्धि की दशा में (धारा 7(2क)) न्यूनतम कारावास कितना है? | छह मास |
| द्वितीय एवं प्रत्येक पश्चात्वर्ती अपराध पर अधिकतम कारावास कितना हो सकता है? | सात वर्ष |
| धारा 7(2ख) के अनुसार न्यूनतम से कम कारावास देने का पर्याप्त कारण क्या माना जाएगा? | जनसाधारण या किसी व्यक्ति को कोई खास हानि न होना |
| धारा 7(3) के अनुसार पुनः दोषसिद्धि की दशा में न्यायालय क्या अतिरिक्त आदेश दे सकता है? | आवश्यक वस्तु के कारोबार पर प्रतिबंध लगाने का |
| धारा 7(3) के अनुसार कारोबार पर प्रतिबंध की न्यूनतम अवधि क्या है? | छह मास |
| केन्द्रीय सरकार को कुछ रकमों को भू-राजस्व की बकाया के रूप में वसूल करने की शक्ति, (Power of Central Government to Recover Certain Amounts as Arrears of Land Revenue) किस धारा में परिभाषित हैं? | धारा 7(क) |
| धारा 7(क)(1) के अनुसार कौन-सा व्यक्ति इस धारा के अंतर्गत दायी हो सकता है? | जो धारा 3 के अधीन आदेश के अनुसरण में देय रकम का भुगतान नहीं करता |
| धारा 7(क)(1)(ख) के अंतर्गत किस प्रकार की राशि शामिल है? | खाते या निधि में जमा की जाने वाली राशि |
| यदि देय राशि के भुगतान या जमा में व्यतिक्रम किया जाता है तो वह राशि किस रूप में वसूल की जाएगी? | भू-राजस्व की बकाया या लोक मांग के रूप में |
| धारा 7(क)(1) के अनुसार वसूल की जाने वाली राशि पर ब्याज की दर क्या है? | प्रतिवर्ष 15 प्रतिशत |
| धारा 7(क)(1) के अंतर्गत ब्याज की गणना किस प्रकार की जाएगी? | साधारण ब्याज |
| ब्याज की गणना किस अवधि के लिए की जाएगी? | व्यतिक्रम की तारीख से वसूली की तारीख तक |
| धारा 7(क)(1) के अंतर्गत वसूली का प्रावधान किन आदेशों पर लागू होता है? | 1984 के पूर्व और पश्चात् दोनों किए गए आदेशों पर |
| धारा 7(क)(2) के अनुसार वसूल की गई राशि का उपयोग कैसे किया जाएगा? | उसी आदेश के अनुसार जिसके अधीन राशि देय थी |
| धारा 7(क)(3) के अनुसार न्यायालय क्या नहीं कर सकता? | वसूली पर स्थगन या निषेधाज्ञा देना |
| धारा 7(क)(3) के अनुसार किस प्रकार का आदेश न्यायालय द्वारा नहीं दिया जा सकता? | भू-राजस्व की बकाया के रूप में वसूली रोकने का आदेश |
| यदि धारा 7(क)(1) के अधीन की गई वसूली का आधार आदेश अविधिमान्य घोषित हो जाए तो क्या होगा? | सरकार को राशि ब्याज सहित वापस करनी होगी |
| प्रतिदाय की स्थिति में ब्याज की दर क्या होगी? | प्रतिवर्ष 15 प्रतिशत |
| प्रतिदाय पर ब्याज किस अवधि के लिए दिया जाएगा? | वसूली की तारीख से प्रतिदाय की तारीख तक |
| धारा 7(क) के स्पष्टीकरण के अनुसार “सरकार” से क्या अभिप्रेत है? | वह सरकार जिसने धारा 3 के अधीन आदेश किया |
| प्रयत्न और दुष्प्रेरण, (Attempts and Abetment) किस धारा से सम्बंधित हैं? | धारा 8 |
| धारा 8 के अनुसार किसे धारा 3 के आदेश का उल्लंघन करने वाला माना जाएगा? | उल्लंघन का प्रयत्न करने या दुष्प्रेरण करने वाले को |
| धारा 8 में “दुष्प्रेरण” का क्या प्रभाव है? | दुष्प्रेरण को स्वयं उल्लंघन के समान माना गया है |
| धारा 8 के अनुसार प्रयत्न या दुष्प्रेरण करने वाले व्यक्ति को किस धारा के अंतर्गत दंडित किया जाएगा? | धारा 7 |
| यदि कोई व्यक्ति किसी अन्य को धारा 3 के आदेश के उल्लंघन के लिए उकसाता है, परंतु उल्लंघन वास्तव में नहीं होता, तो क्या होगा? | उकसाने वाला उल्लंघनकर्ता माना जाएगा |
| धारा 8 के अंतर्गत प्रयत्न और दुष्प्रेरण को उल्लंघन मानने का आधार क्या है? | विधिक उपधारणा |
| धारा 8 के अंतर्गत दोषसिद्धि के लिए क्या आवश्यक है? | प्रयत्न या दुष्प्रेरण का होना |
| मिथ्या कथन, (False Statement) किस धारा से सम्बंधित हैं? | धारा 9 |
| धारा 9 किस प्रकार के अपराध से संबंधित है? | झूठे कथन या मिथ्या जानकारी देने से |
| धारा 9(i) के अनुसार मिथ्या कथन कब दंडनीय होगा? | जब कथन मिथ्या हो और उसके मिथ्या होने का ज्ञान या युक्तियुक्त विश्वास हो |
| धारा 9 के अंतर्गत कौन-सी मानसिक अवस्था आवश्यक है? | ज्ञान, युक्तियुक्त विश्वास या सत्य पर विश्वास का अभाव |
| धारा 9(ii) के अंतर्गत कौन-सा शामिल है? | पुस्तक, लेखा-अभिलेख, घोषणा, विवरणी या अन्य दस्तावेज में किया गया मिथ्या कथन |
| धारा 9 के अंतर्गत मिथ्या कथन किस आदेश के संदर्भ में किया गया होना चाहिए? | धारा 3 के अधीन किए गए आदेश के अंतर्गत |
| यदि कोई व्यक्ति ऐसे दस्तावेज में झूठी जानकारी देता है जिसे रखने या देने के लिए वह बाध्य है, तो वह किस धारा के अंतर्गत दंडनीय होगा? | धारा 9 |
| धारा 9 के अंतर्गत अधिकतम कारावास की अवधि क्या है? | पाँच वर्ष कारावास या जुर्माना या दोनों |
| कम्पनियों द्वारा उपराध, (Offences by Companies) किस धारा से सम्बंधित हैं? | धारा 10 |
| धारा 10 किस स्थिति में लागू होती है? | जब कम्पनी द्वारा धारा 3 के आदेश का उल्लंघन किया जाता है |
| यदि धारा 3 के आदेश का उल्लंघन कम्पनी द्वारा किया गया हो, तो किसे दोषी माना जाएगा? | कम्पनी तथा वह प्रत्येक व्यक्ति जो उल्लंघन के समय कम्पनी के कारोबार का भारसाधक और उत्तरदायी था |
| धारा 10(1) के अंतर्गत कौन-सा व्यक्ति दण्ड से बच सकता है? | जो यह साबित कर दे कि उल्लंघन उसकी जानकारी के बिना हुआ या उसने सम्यक् तत्परता बरती |
| धारा 10(2) के अनुसार निदेशक, प्रबंधक या अधिकारी कब दोषी माना जाएगा? | जब अपराध उसकी सम्मति, मौनानुकूलता या उपेक्षा से हुआ हो |
| धारा 10 के स्पष्टीकरण के अनुसार “कम्पनी” में क्या शामिल है? | कोई निगमित निकाय तथा फर्म या व्यक्तियों का अन्य संगम |
| धारा 10 के स्पष्टीकरण के अनुसार फर्म के मामले में “निदेशक” कौन माना जाएगा? | भागीदार |
| धारा 10 के अंतर्गत कम्पनी के अपराधों के लिए उत्तरदायित्व का स्वरूप कैसा है? | कम्पनी और संबंधित अधिकारियों दोनों का संयुक्त उत्तरदायित्व |
| अपराधों का संज्ञेय और जमानतीय होना, (Offences to be Cognizable) किस धारा में परिभाषित हैं? | धारा 10(क) |
| धारा 10(क) के अनुसार इस अधिनियम के अधीन दण्डनीय प्रत्येक अपराध की प्रकृति क्या होगी? | संज्ञेय |
| धारा 10(क) में दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023) के संबंध में क्या उपबंध किया गया है? | दण्ड प्रक्रिया संहिता (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023) के प्रतिकूल होते हुए भी अपराध संज्ञेय होगा |
| धारा 10(क) के अनुसार पुलिस अधिकारी किस स्थिति में बिना वारंट गिरफ्तार कर सकता है? | जब इस अधिनियम के अधीन कोई अपराध किया गया हो |
| धारा 10(क) के अंतर्गत अपराध को संज्ञेय घोषित करने का कानूनी प्रभाव क्या है? | पुलिस बिना वारंट गिरफ्तारी कर सकती है |
| न्यायालय को अधिनियम के अधीन सिद्धदोष कम्पनियों के नाम, कारबार के स्थान आदि प्रकाशित करने की शक्ति, (Power of Court to Publish Name, Place of Business, Etc., of Companies Convicted Under the Act) किस धारा में परिभाषित हैं? | धारा 10(ख) |
| धारा 10(ख) के अनुसार न्यायालय को किस स्थिति में कम्पनी का नाम प्रकाशित करने की शक्ति प्राप्त होती है? | जब कम्पनी इस अधिनियम के अधीन सिद्धदोष ठहराई गई हो |
| धारा 10(ख)(1) के अंतर्गत प्रकाशित की जाने वाली जानकारी में कौन-कौन सी बातें सम्मिलित हो सकती हैं? | कम्पनी का नाम, कारबार का स्थान, उल्लंघन का स्वरूप तथा अन्य समुचित विशिष्टियां |
| धारा 10(ख) के अनुसार कम्पनी से संबंधित प्रकाशन का खर्च किसके द्वारा वहन किया जाएगा? | स्वयं कम्पनी द्वारा |
| धारा 10(ख)(1) के अंतर्गत प्रकाशन किस माध्यम से कराया जा सकता है? | न्यायालय द्वारा निर्देशित समाचारपत्रों में या अन्य रीति से |
| धारा 10(ख)(2) के अनुसार प्रकाशन कब तक नहीं किया जाएगा? | जब तक अपील की अवधि बिना अपील समाप्त न हो जाए या अपील का निपटारा न हो जाए |
| धारा 10(ख)(3) के अनुसार प्रकाशन का खर्च किस प्रकार वसूल किया जाएगा? | न्यायालय द्वारा अधिरोपित जुर्माने के समान |
| धारा 10(ख) में प्रयुक्त “न्यायालय मामले की परिस्थितियों में समुचित समझे” का क्या तात्पर्य है? | न्यायालय को विवेकाधीन शक्ति प्राप्त है |
| धारा 10(ख) के स्पष्टीकरण के अनुसार “कम्पनी” शब्द का अर्थ किस धारा से लिया जाएगा? | धारा 10 के स्पष्टीकरण खंड (क) से |
| धारा 10(ख) के अंतर्गत प्रकाशन का आदेश कौन दे सकता है? | वह न्यायालय जिसने कम्पनी को सिद्धदोष ठहराया है |
| आपराधिक मनःस्थिति की उपधारणा, (Presumption of Culpable Mental State) किस धारा में परिभाषित हैं? | धारा 10(ग) |
| धारा 10(ग) का मुख्य विषय क्या है? | आपराधिक मनःस्थिति की उपधारणा |
| धारा 10(ग)(1) के अनुसार न्यायालय किस बात की उपधारणा करेगा? | अभियुक्त की आपराधिक मनःस्थिति विद्यमान है |
| धारा 10(ग) के अंतर्गत आपराधिक मनःस्थिति की उपधारणा किस प्रकार के अपराधों में लागू होती है? | केवल उन अपराधों में जिनमें आपराधिक मनःस्थिति अपेक्षित हो |
| धारा 10(ग) के अनुसार अभियुक्त के लिए क्या प्रतिवाद (defence) उपलब्ध है? | यह साबित करना कि उसके पास आपराधिक मनःस्थिति नहीं थी |
| धारा 10(ग) के स्पष्टीकरण के अनुसार “आपराधिक मनःस्थिति” में क्या-क्या सम्मिलित है? | आशय, मन्तव्य, किसी तथ्य की जानकारी तथा किसी तथ्य पर विश्वास या विश्वास करने का कारण |
| अपराधों का संज्ञान, (Cognizance of Offences) किस धारा से सम्बंधित हैं? | धारा 11 |
| धारा 11 के अनुसार न्यायालय कब किसी अपराध का संज्ञान ले सकता है? | जब लिखित रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए |
| धारा 11 के अंतर्गत लिखित रिपोर्ट कौन कर सकता है? | भारतीय दण्ड संहिता की धारा 21 [भारतीय न्याय संहिता की धारा 2(28)]के अंतर्गत लोक सेवक |
| धारा 11 में लोक सेवक के अतिरिक्त किन्हें लिखित रिपोर्ट करने का अधिकार दिया गया है? | कोई व्यथित व्यक्ति या मान्यताप्राप्त उपभोक्ता संगम |
| धारा 11 के अनुसार क्या मान्यताप्राप्त उपभोक्ता संगम का सदस्य होना आवश्यक है? | नहीं, सदस्य होना आवश्यक नहीं है |
| धारा 11 के अंतर्गत “व्यथित व्यक्ति” का क्या आशय है? | वह व्यक्ति जो अपराध से प्रभावित हो |
| धारा 11 के स्पष्टीकरण के अनुसार “मान्यताप्राप्त उपभोक्ता संगम” से क्या अभिप्रेत है? | कम्पनी अधिनियम या अन्य विधि के अधीन रजिस्ट्रीकृत स्वैच्छिक उपभोक्ता संगम |
| धारा 11 के अंतर्गत संज्ञान के लिए रिपोर्ट का स्वरूप कैसा होना चाहिए? | लिखित |
| जुर्माने के बारे में विशेष उपबन्ध, (Special Provision Regarding Fine) किस धारा से सम्बंधित हैं? | धारा 12 |
| धारा 12 के अनुसार यह प्रावधान किस कानून के होते हुए भी लागू होगा? | दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 की धारा 29 (भारतीय नागरिक सुरक्षा न्याय 2023 धारा 23) |
| धारा 12 के अंतर्गत जुर्माने का विशेष प्रावधान किस स्थिति में लागू होता है? | धारा 3 के अधीन किए गए आदेश के उल्लंघन के लिए |
| धारा 12 के अनुसार किस सीमा से अधिक जुर्माना विधिसम्मत रूप से लगाया जा सकता है? | पांच हजार रुपए से अधिक |
| धारा 12 के अनुसार कौन-सा न्यायालय पांच हजार रुपए से अधिक का जुर्माना लगा सकता है? | राज्य सरकार द्वारा विशेष रूप से सशक्त प्रथम वर्ग न्यायिक मजिस्ट्रेट |
| धारा 12 के अंतर्गत प्रथम वर्ग न्यायिक मजिस्ट्रेट के लिए क्या शर्त आवश्यक है? | राज्य सरकार द्वारा विशेष रूप से सशक्त किया जाना |
| धारा 12 किस प्रकार का प्रावधान है? | अपवादात्मक और विशेष प्रावधान |
| संक्षेपतः विचारण की शक्ति, (Power to Try Summarily) किस धारा में परिभाषित हैं? | धारा 12(क) |
| धारा 12(क)(1) के अंतर्गत किसी आदेश के संक्षिप्त विचारण हेतु विशेष आदेश किसके द्वारा विनिर्दिष्ट किया जाता है? | केन्द्रीय सरकार द्वारा |
| धारा 12(क)(1) के अंतर्गत जारी अधिसूचना को जारी किए जाने के पश्चात् कहाँ रखा जाना आवश्यक है? | संसद के दोनों सदनों के समक्ष |
| आवश्यक वस्तु (संशोधन) अधिनियम, 1971 के पश्चात् जारी अधिसूचना अधिकतम कितनी अवधि तक प्रवृत्त रह सकती है, यदि पहले विखंडित न की जाए? | दो वर्ष |
| धारा 12(क)(2) के अनुसार किन अपराधों का संक्षेपतः विचारण किया जा सकता है? | धारा 3 के अंतर्गत खाद्य पदार्थ या औषधि से संबंधित आदेशों के उल्लंघन के अपराध |
| धारा 12(क)(2) के अंतर्गत संक्षेपतः विचारण कौन कर सकता है? | राज्य सरकार द्वारा विशेष रूप से सशक्त प्रथम वर्ग का न्यायिक मजिस्ट्रेट |
| धारा 12(क) के अंतर्गत संक्षेपतः विचारण में दण्ड प्रक्रिया संहिता (भारतीय नागरिक सुरक्षा न्याय 2023) की कौन-सी धाराएँ लागू होती हैं? | दण्ड प्रक्रिया संहिता धारा 262 से 265 (भारतीय नागरिक सुरक्षा न्याय 2023 धारा 285-288) |
| धारा 12(क) के अंतर्गत संक्षेपतः विचारण में दोषसिद्धि की स्थिति में मजिस्ट्रेट अधिकतम कितनी अवधि का कारावास दे सकता है? | एक वर्ष |
| यदि मजिस्ट्रेट को यह प्रतीत हो कि एक वर्ष से अधिक का कारावास दिया जाना आवश्यक है, तो उसे क्या करना होगा? | संक्षेपतः विचारण छोड़कर नियमित विचारण की प्रक्रिया अपनाना |
| धारा 12(क)(3) के अनुसार संक्षेपतः विचारित मामले में अपील का अधिकार कब नहीं होगा? | जब एक माह से अनधिक कारावास और दो हजार रुपये से अनधिक जुर्माना दिया गया हो |
| धारा 12(क)(3) के अनुसार अपील का अधिकार कब उपलब्ध होगा? | जब मजिस्ट्रेट द्वारा निर्धारित सीमाओं से अधिक दण्डादेश पारित किया गया हो |
| धारा 12(क)(4) के अनुसार, यदि कोई मामला अधिनियम के प्रारम्भ से पूर्व लंबित है और किसी साक्षी की परीक्षा नहीं हुई है, तो उसका क्या होगा? | उसका संक्षेपतः विचारण किया जाएगा |
| यदि लंबित मामला ऐसे मजिस्ट्रेट के समक्ष है जो संक्षेपतः विचारण के लिए सक्षम नहीं है, तो उस मामले के साथ क्या किया जाएगा? | मामला सक्षम मजिस्ट्रेट को भेजा जाएगा |
| सिविल न्यायालयों द्वारा व्यादेशों आदि का दिया जाना, (Grant of Injunction, Etc., by Civil Courts) किस धारा में परिभाषित हैं? | धारा 12(ख) |
| धारा 12(ख) के अनुसार सिविल न्यायालय किसके विरुद्ध व्यादेश नहीं देगा? | केन्द्रीय सरकार, राज्य सरकार या लोक अधिकारी के विरुद्ध |
| धारा 12(ख) किन कार्यों पर लागू होती है? | पदीय हैसियत से किए गए या किए जाने तात्पर्यित कार्यों पर |
| धारा 12(ख) के अंतर्गत सिविल न्यायालय किस प्रकार का आदेश देने से प्रतिबंधित है? | व्यादेश या किसी अन्य अनुतोष के लिए आदेश |
| धारा 12(ख) के अनुसार सिविल न्यायालय व्यादेश या अन्य अनुतोष कब दे सकता है? | जब सरकार या अधिकारी को आवेदन की सूचना दे दी गई हो |
| धारा 12(ख) के अनुसार सूचना देना किसे आवश्यक है? | संबंधित सरकार या लोक अधिकारी को |
| आदेशों के बारे में उपधारणा, (Presumption as to Orders) किस धारा से सम्बंधित हैं? | धारा 13 |
| धारा 13 के अनुसार न्यायालय किस तथ्य के बारे में उपधारणा करेगा? | आदेश सक्षम प्राधिकारी द्वारा किया गया था |
| धारा 13 के अंतर्गत उपधारणा कब लागू होती है? | जब आदेश किसी प्राधिकारी द्वारा किया गया और हस्ताक्षरित होना तात्पर्यित हो |
| धारा 13 के अंतर्गत न्यायालय द्वारा की जाने वाली उपधारणा का स्वरूप क्या है? | खण्डनीय उपधारणा |
| धारा 13 के अनुसार न्यायालय किस बात को सिद्ध करने के लिए अतिरिक्त साक्ष्य की मांग नहीं करेगा? | आदेश का सक्षम प्राधिकारी द्वारा किया जाना |
| धारा 13 के अंतर्गत की गई उपधारणा का खण्डन किसके द्वारा किया जा सकता है? | अभियुक्त या कोई भी संबंधित पक्ष द्वारा |
| कतिपय मामलों में सबूत का भार, (Burden of Proof in Certain Cases) किस धारा से सम्बंधित हैं? | धारा 14 |
| धारा 14 के अनुसार सबूत का भार किस पर होता है? | अभियुक्त व्यक्ति पर |
| धारा 14 के अनुसार अभियुक्त को क्या सिद्ध करना होता है? | कि उसके पास विधिपूर्ण प्राधिकार या अनुज्ञा-पत्र था |
| धारा 14 के अंतर्गत किस प्रकार के आदेश के उल्लंघन पर सबूत का भार अभियुक्त पर डाला गया है? | जो आदेश बिना विधिपूर्ण प्राधिकार या अनुज्ञा-पत्र के कोई कार्य करने से या कब्जा रखने से प्रतिषिद्ध करता हो |
| धारा 14 सामान्य आपराधिक विधि के किस सिद्धांत से अपवाद उत्पन्न करती है? | अभियोजन पर सबूत का भार |
| अधिनियम के अधीन की गई कार्रवाई के लिए परित्राण, (Protection of Action taken Under Act) किस धारा से सम्बंधित हैं? | धारा 15 |
| धारा 15(1) के अनुसार किसके विरुद्ध वाद, अभियोजन या अन्य विधिक कार्यवाही नहीं की जा सकती? | किसी व्यक्ति के विरुद्ध, जिसने सद्भावपूर्वक आदेश के अनुसरण में कार्य किया हो |
| धारा 15(2) के अनुसार सरकार के विरुद्ध वाद कब नहीं हो सकेगा? | जब नुकसान धारा 3 के अधीन आदेश के अनुसरण में सद्भावपूर्वक की गई कार्रवाई से हुआ हो |
| धारा 15(1) के अंतर्गत किस प्रकार की कार्यवाही से संरक्षण दिया गया है? | वाद, अभियोजन या अन्य विधिक कार्यवाही से |
| धारा 15 के अंतर्गत संरक्षण किन आदेशों से संबंधित है? | धारा 3 के अधीन किए गए आदेश से |
| लोक सेवकों का अभियोजन, (Prosecution of Public Servants) किस धारा में परिभाषित हैं? | धारा 15(क) |
| धारा 15(क) के अनुसार न्यायालय किस स्थिति में अपराध का संज्ञान नहीं करेगा? | जब पूर्व मंजूरी प्राप्त न की गई हो |
| धारा 15(क) किन व्यक्तियों पर लागू होती है? | लोक सेवकों पर |
| धारा 15(क) के अंतर्गत अभियोजन से पूर्व मंजूरी कब आवश्यक होती है? | जब अपराध धारा 3 के अधीन आदेश के अनुसरण में कर्तव्य निर्वहन के दौरान किया गया हो |
| यदि लोक सेवक संघ के कार्यकलापों के संबंध में नियोजित है या था, तो अभियोजन की पूर्व मंजूरी किससे ली जाएगी? | केन्द्रीय सरकार से |
| यदि लोक सेवक राज्य के कार्यकलापों के संबंध में नियोजित है या था, तो अभियोजन की पूर्व मंजूरी किससे आवश्यक है? | राज्य सरकार से |
| निरसन और व्यावृत्तियां, (Repeals and Savings) किस धारा से सम्बंधित हैं? | धारा 16 |
| धारा 16(1) के अनुसार कौन-सा अध्यादेश एतद्द्वारा निरसित किया गया है? | आवश्यक वस्तु अध्यादेश, 1955 |
| धारा 16(1)(ख) के अंतर्गत कौन-सी राज्य विधियाँ निरसित की गई हैं? | वे राज्य विधियाँ जो आवश्यक वस्तुओं के उत्पादन, प्रदाय, वितरण, व्यापार या वाणिज्य को नियंत्रित करती हैं |
| धारा 16(2) के अनुसार, पूर्ववर्ती आदेश कब तक प्रवृत्त रहेगा? | जब तक वह इस अधिनियम के अधीन किए गए नए आदेश द्वारा अतिष्ठित न कर दिया जाए |
| धारा 16(2) के अंतर्गत कौन-सी बातें प्रवृत्त बनी रहती हैं? | आदेश, नियुक्तियाँ, अनुज्ञप्तियाँ, अनुज्ञा-पत्र तथा निदेश |
| धारा 16(3) का प्रभाव किस अधिनियम की धारा 6 से संबंधित है? | साधारण खण्ड अधिनियम, 1897 |
